प्रमोद तिवारी हो सकते है 2022 में कांग्रेस के मुख्यमंत्री पद के दावेदार



अकबरपुर अम्बेडकरनगर लखनऊ। लंबे समय से उत्तर प्रदेश की सत्ता से दूर रहने वाली कांग्रेस पार्टी अब अपने पुराने वोट बैंक ब्राह्मणों को साधने की तैयारी में जुट गई है। ब्राह्मण उत्पीड़न के मुद्दे पर पहले से मुखर पार्टी अब आगामी विधान सभा चुनाव में किसी ब्राह्मण उम्मीदवार को मुख्यमंत्री का चेहरा बना सकती है। पार्टी के सूत्रों की मानें तो कांग्रेस अपने वरिष्ठ नेता व पूर्व राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी पर यह दांव खेल सकती है। कहा तो यहां तक जा रहा है कि इस पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी भी सहमति हैं।मीडिया रिपोर्ट्स से लेकर सोशल मीडिया तक में यह चर्चा जोरों पर है कि कांग्रेस लगातार 9 बार विधायक बन कर गिनीज बुक में नाम दर्ज करा चुके प्रमोद तिवारी को अपना मुख्यमंत्री का चेहरा बना सकती है। इस चर्चा से ब्राह्मणों में ही नहीं बल्कि अन्य तबके के लोगों में भी सकारात्मक लहर देखने को मिल रही है। प्रमोद तिवारी उत्तर प्रदेश कांग्रेस के एक बड़े नेता के रूप में जाने जाते हैं। अगर पार्टी 2022 के विधान सभा चुनाव में उन पर दांव लगाती है तो कांग्रेस पूरी मजबूती के साथ व उत्तर प्रदेश की सत्ता में वापसी के लिए लड़ेगी।ब्राह्मण उत्पीड़न के मुद्दे पर योगी सरकार पर हमलावर है कांग्रेस
बता दें कि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाये जाने के बाद से पार्टी सोशल मीडिया से लेकर जमीनी स्तर पर लगातार सक्रिय हैं। प्रियंका गांधी किसी मुद्दे पर सरकार को घेरने से नहीं चूक रहीं हैं। किसानों ,महंगाई और बेरोजगारी के मसले पर पार्टी कार्यकर्ता और नेता धरना प्रदर्शन कर अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। ब्राह्मण उत्पीड़न के मुद्दे पर प्रदेश की भाजपा सरकार लगातार विपक्ष के ​निशाने पर है। ऐसे में प्रमोद तिवारी पर दांव लगाना कांग्रेस के लिए ‘तुरुप का इक्का’ साबित हो सकता है।