गाँव के खलिहान पर हुए अवैध कब्ज़े को हटवाने की ग्रामीणों द्वारा लगातार की जा रही है



PLACE - AMETHI

REPORT - DILEEP YADAV

सरकार विवादित भूमि निस्तारण के लिए तमाम तरह के योजनाएं चला रही है लेकिन इन योजनाओं से किसी भी प्रकार का कोई लाभ नहीं दिखाई पड़ रहा है तमाम सरकारी और सार्वजनिक जमीन पर भू माफियाओं तथा दबंगों के द्वारा अवैध कब्जा जमाए बैठे हैं। जिनको लेकर स्थानीय लोग तथा ग्रामीण लगातार अवैध कब्जे को हटवाने की बात करते हैं लेकिन शासन-प्रशासन के कानों में जूं तक नहीं रेंगती है। क्योंकि गांव में सार्वजनिक रुप से खलिहान तथा खेल के मैदान जैसी चीजों के लिए आवंटित की गई जमीन पर जब दबंगों के द्वारा अवैध रूप से कब्जा कर लिया जाता है तो निश्चित रूप से समूचे ग्रामीणों को इससे समस्या होने लगती है क्योंकि यह एक सार्वजनिक जमीन होती है जिसका उपयोग गांव के सभी लोग किया करते हैं। ऐसा ही एक मामला अमेठी जनपद के भादर ब्लॉक अंतर्गत गांव गाजीपुर में देखने को मिला है जहां पर सार्वजनिक रूप से आवंटित खलिहान की जमीन पर आपराधिक प्रवृत्ति के दबंग व्यक्ति के द्वारा कब्जा कर लिया गया है इस सार्वजनिक जमीन को पर हुए अवैध कब्जे से मुक्त कराने के लिए ग्रामीण लगातार प्रयास कर रहे हैं लेकिन शासन प्रशासन के द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है जिसके चलते इस गांव के लोग परेशान हैं।

जी हां हम बात कर रहे हैं अमेठी जनपद जहां पर  अमेठी सांसद व केंद्रीय मंत्री के द्वारा  ई चौपाल लगाकर  जन समस्याओं का निस्तारण किया जाता है  लेकिन इसके बावजूद  जन समस्याएं ऐसी है  कि कम होने का नाम नहीं ले रही है  जिस पर कहीं ना कहीं  सवालिया निशान जिले के आला अधिकारियों के ऊपर खड़े होते हैं  और यही  सब आए दिन विवाद और मारपीट तथा हत्या का कारण बनते हैं जिले के विकासखंड भादर के अंतर्गत ग्रामसभा गाजीपुर में नामित खलिहान गाटा सं. 294 रकबा 0.2530 हेक्टेयर पर गाजीपुर ग्रामसभा के निवासी राम अवध उनके पुत्र सुनील और प्रमिल द्वारा अवैध रूप से कब्जा करके निर्माण किया गया है। ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से एक शिकायत पत्र एसडीएम महोदय को दिया गया। इस प्रकरण पर एसडीएम अमेठी ने जल्द ही कार्यवाही करने की बात कही। ग्रामीणों का कहना अवैध कब्जे की जमीन पर ग्रामीण खेत मे उपज अनाज को रखते थे, गांव के बच्चे वही छोटे- मोटे खेल खेलते थे और  विवाह अन्य कार्यक्रमों के आयोजन किये जाते रहें है जिस पर अवैध कब्जे से प्रतिबंध लग गया है। ग्रामीणों का कहना है कि वे अभी तक इस प्रकरण में लगभग दसियों बार प्रार्थना पत्र विभिन्न अधिकारियों को दिया जा चुका है। लेकिन अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है। कब्जेदार को अगर ग्रामीणों द्वारा कुछ बोला जाता है तो वह अपने घर की लड़कियों को आगे खड़ा कर देता है और वे लड़कियां गलत आरोपों में फ़साने को धमकी देती है। जिससे गांव के पढ़ने-लिखने वाले लड़के हमेशा डरे रहते है और कहते हैं कि कहीं हम लोग गलत आरोपों के शिकार ना हो जाए। फिलहाल इस बार जिलाधिकारी महोदय ने शिकायती पत्र को तत्काल संबंधित लेखपाल को देखकर जांच करने की बात कही है।